उसकी कुछ ख्वाहिश अधूरी थीं, दूरियां भी तो ज़रूरी थीं,

1.
500 और 1000 की नोट बदलने की खबर के बाद

होस्पिटलों में भारी भीड़
!

जनता : डॉक्टर साहब…
किसी भी चीज का ओपरेशन कर दो…
4-5 लाख वाला…

2.
2000 के असली नोट की पहचान,

नोट के सामने हाथ जोड़कर मोदी मोदी कहें

“सामने से मितरों-मितरों की आवाज़ आएगी”।

3.
उसकी कुछ ख्वाहिश अधूरी थीं, दूरियां भी तो ज़रूरी थीं,

यूँ न कहो बेवफा उसे दुनियावालों, क्योंकि “सोनम गुप्ता” की भी कुछ मजबूरि थी।

4.
चक्कर तो तब आ गया !
जब सुलभशौयलय वाले ने कहा कि
, “छुट्टा नहि है ₹500 का हि कर लो” ।

5.
लालू को ज्ञान की प्राप्ति !
“इस जीवन में मेने अपनी आँखों के सामने
‘चारा’ को ‘पैसा’ और ‘पैसा’ को ‘चारा’ बनते देखा है” !