कल्लू (पप्पू से) : उफ, ये पत्नियां हमें जीने भी नहीं देती…!

1.
कल्लू (पप्पू से) : उफ, ये पत्नियां हमें जीने भी नहीं देती…!
पप्पू (ठंड़ी आह भरते हुए) : हां, और व्रत पर व्रत रखकर मरने भी नहीं देती…!

2.
गरीब कल्लू एक अमीर लड़की को पसंद करता था .
वह लड़की भी कल्लू को बहुत पसंद करती थी.

कल्लू : तुम बहुत अमीर हो ?

लड़की : हां..! कम से कम एक करोड़ रुपया तो है ही.

कल्लू : क्या मुझसे शादी करोगी?

लड़की : नहीं…

कल्लू : मुझे पता था, तुम यही कहोगी ?

लड़की : जब पता था तो फिर पूछा क्यों ?

कल्लू : यह देखने के लिए कि जब आदमी एक करोड़ रुपया गंवा देता है, तो उसे कैसा लगता है?

3.
बंटी के घर कुछ मेहमान आने वाले थे.

बंटी (पत्नी से) : अरे, मेहमानों के आने का समय हो गया है, अभी तक तुमने घर में झाड़ू नहीं लगाई…?

पत्नी : आप भी ना, इतने बड़े हो गए हो, मगर आपकी भूलने की आदत नहीं छूटी.

बंटी (आश्चर्य से) : मेरी भूलने की आदत !

पत्नी (अपनी बात पर जोर देते हुए) : हां-हां, आपकी भूलने की आदत. क्या आपने यह नहीं कहा था कि आपके रहते मुझे चिंता करने की जरूरत नहीं.

4.
एक नवविवाहित पत्नी (पति से) : “मेरे पास तुम्हारे लिए एक अच्छी खबर है बहुत जल्द ही हम दो से तीन हो जाएँगे।
पति (ख़ुशी से झूमते) : “अरे मेरी जान मैं इस दुनिया मैं सबसे खुशनसीब आदमी हूँ।
पत्नी : मुझे ख़ुशी है की तुम्हें इतना अच्छा लगा, कल सुबह मेरी माँ हमारे साथ रहने आ रही है”।

5.
अमीर कल्लू को स्कूल में गरीब परिवार पर निबंध लिखने को कहा गया…

जरा गौर फरमाइए कल्लू ने क्या लिखा

“एक गरीब परिवार था, पिता गरीब, माँ गरीब, बच्चे गरीब”…

“परिवार में 4 नौकर थे, वह भी गरीब”…

“स्कार्पियो कार थी वह भी टूटी हुई थी”…

“उनका गरीब ड्राइवर बच्चों को उसी टूटी कार में स्कूल छोड़ के आता था”…

“बच्चों के पास पुराने एप्पल के मोबाइल थे”…

“बच्चे हफ्ते में सिर्फ 4 बार ही ताज होटल में खाते थे, बाकि दिन घर पर”…

“घर में केवल दो ऐसि थे, वह भी सेकंड हेंड”…

“सारा परिवार बड़ी मुश्किल से ऐश कर रहा था”…