जब बच्चा, “बादशाह” के रैप छोड़ कर “किशोर दा” के क्लासिक सुनने लगे

1.
गर्मी आ रही है।
लड़किया खुश हैं कि अब बिना स्वेटर के “अंग प्रदर्शन कर सकती हैं”।
लड़के दुखी है कि, बिना जैकेट के ठेके से बोतल कैसे लायेंगे।

2.
हमारे देश में “हंसी – मजाक” भी बिजली की तरह है।
आधे से ज्यादा लोगों के नसीब में है ही नहीं।

3.
जब बच्चा, “बादशाह” के रैप छोड़ कर “किशोर दा” के क्लासिक सुनने लगे
समझ लीजिये कि ये पूछने का वक़्त आ गया है कि…!
“बेटा, क्या नाम है उस लडकी का”?

4.
अगर जिंदा रहा तो तुम्हारा ही साथ निभाऊंगा ए “दोस्तों” !
भूल जाऊं तो समझ लेना कि, “गर्लफ्रेंड मिल गई है यारो ! हैप्पी वैलेंटाइन डे” !

5.
मुझे नींद ना आये, तेरी याद सताए…
तेरी याद आ रही है, तेरी याद आ रही है…
याद तेरी आएगी मुझको बड़ा सताएगी…
यादें याद आती हैं बातें भूल जाती हैं…
ये सब गाने सिर्फ सुनने में ही अच्छे लगते हैं ।