जानें ‘गोल गुम्बद’ से जुड़ी कुछ रोचक बातें

आज हम आपके लिए भारत के इतिहासिक जगह के बारे में कुछ जानकारी लाये है जिसका नाम है गोल गुम्बद (Gol Gumbaz) तो चलिए जानते है इसके बारे में जिसे जानकार आपको यहाँ जाने का मन जरुर करेगा |
गोल गुम्बद कर्नाटक राज्य के बीजापुर शहर में स्थित आदिलशाही वंश के सातवें शासक मुहम्मद आदिलशाह का मक़बरा है | गोल गुम्बद विश्व का दूसरा सबसे विशाल गुम्बद है | इसको फ़ारसी वास्तुकार दाबुल के याकूत ने 1626 ई० में निर्माण करवाया था, इस विशाल गुम्बद के बनाने में बीस वर्ष का समय लगा था | इस गुम्बद के ऊपर से बीजापुर शहर का पूरा दृश्य दिखाई पड़ता है |स गुम्‍बद के अंदरूनी हिस्‍से में कोई सहारा नहीं है जो कि अभी तक रहस्‍य बना हुआ है और इसमें एक फुसफुसा गैलरी भी है | इस इमारत का निर्माण धावुल के प्रसिद्ध वास्‍तुकार याकूत ने किया था, इस गैलरी में आवाज 7 बार गूजॅती है और एक तरफ से दूसरी तरफ तक स्‍पष्‍ट रूप से सुनाई देती है | गोल गुम्बद सेंट पीटर्स के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गुम्बद वाला स्मारक है |

इस गुम्बद को देखने के लिए लाखो लोग आते है  येइसकी खूबसूरती पूरी दुनिया भर में फेली हुई है |  मकबरे के मुख्य हॉल के भीतर चारों ओर सीढ़ियों से घिरा हुआ एक चौकोर चबूतरा है। इस चबूतरे के मध्य एक कब्र का पत्थर है, जिसके नीचे इसकी असल कब्र बनी है |