दुनिया की सबसे अजीबोगरीब जानवर

आज तक किसी को भी यह पता नहीं चल पाया है कि दुनिया में जानवरों की कितनी प्रजातियाँ मौजूद है और वह दिखने में कैसे है।हालाँकि पुराने समय में हमारी पृथ्वी पर राज करने वाली अधिकतर प्रजातियाँ विलुप्त हो चुकी है फिर भी 2016 में लिए गए वैज्ञानिक आँकड़ो के मुताबिक अभी भी पृथ्वी पर 10 हज़ार करोड़ से ज्यादा प्रजातियाँ मौजूद है।हालाँकि हमें अभी तक 16 लाख प्रजातियों के बारे में ही जानकारी है।अभी भी हमारे पास 80 प्रतिशत जानवरों की प्रजाति के बारे में कोई भी जानकारी नहीं है।हर साल हमें तकरीबन 10 हज़ार नये प्रजातियों के बारे में पता चलता है।इस आर्टिकल में हम कुछ ऐसे ही अजीबोगरीब जानवरों के बारे में जानेंगे जिसके बारे आप शायद ही जानते हो।

  • आय-आय

अफ्रीका के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित मेडागास्कर द्वीप पर यह अजीबोगरीब जानवर पाया जाता है।यह जानवर देखने में तरह-तरह के जानवरों का मिश्रण लगता है।इसका सर एक बकरी जैसा,कान और दाँत एक चूहे जैसा,इसके नाखून चमगादड़ जैसे दिखते है।इस जानवर का वज़न लगभग 3 किलोग्राम और लंबाई तकरीबन 40 सेंटीमीटर होता है।1780 ई० में फ्रांस के खोजकर्ता और प्रकृतिवादी पेरी ने इसे खोजा था और इसे पकड़ कर पेरिस ले आये थे।शुरुआत के समय में इस जानवर को इसका प्रजाति का इकलौता जानवर माना जाता था।साल 1860 के बाद इसकी पूरी प्रजाति को खोज लिया गया।यह प्राणी रात को ही निकलता है और ऊँचे पेड़ो पर ही रहता है।

  • स्प्रिंग हेयर

यह जानवर अफ्रीका के केन्या और तंजानिया में पाया जाता है।हेयर का मतलब भले ही खरगोश होता हो मगर यह कोई खरगोश नहीं है।ख़रगोश और कंगारू जैसा दिखने वाला यह प्राणी दरअसल एक चूहे जैसा जानवर है।45 सेंटीमीटर का यह जानवर 2 मीटर लंबी छलांग आसानी से लगा लेता है।

  • येति क्रैब

दक्षिण प्रशांत महासागर में मिलने वाला यह केकड़ा येति जैसे एक काल्पनिक पात्र जैसा दिखता है। यह केकड़ा प्रशांत महासागर के अंदर 2 हज़ार मीटर की गहराई में पाया जाता है।इस केकड़े पहली बार 2005 में खोजा गया था।यह समुद्र में गर्म पानी के फव्वारों के पास रहता है।