नसीब  के खेल भी अजीब होते है, प्यार मे आँसू ही नसीब होते है

शायरी नंबर एक 

नसीब  के खेल भी अजीब होते है.
प्यार मे आँसू ही नसीब होते है.
कौन होना चाहता है अपनो से जुदा
पर अक्सर बिछड़ते है वो जो करीब होते है………..!!!
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शायरी नंबर दो 

वफ़ा नही मिलती यहा वफ़ा करके
हमने देखा है ये तज़ुर्बा करके
खुशी तो आई नही कभी हमारे पास
और मौत भी आई तो ज़रा ज़रा करके !!!
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शायरी नंबर तीन 

वो हमारे नही तो क्या गम है,
हम तो उन के है ये क्या कम है,
ना गम कम है ना आँसू कम है,
अब तो बस ये देखना है की रुलाने वेल मे कितना दम है.  !!!
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शायरी नंबर चार 

खुदा करे प्यार मे कभी  किसिका दिल ना टूटे,
जेसे रूठा मेरा सनम कभी किसिका ना रूठे,
रोता हे दिल और टूट जाते हे सपने,
आँखो के आँसू भी नही होते हे अपने…!!!
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शायरी नंबर पांच 

हर रात एक नाम याद आता है,
कभी सुबह कभी शाम याद आता है.
जब सोचता हू के कर लू दूसरी मोहोब्बत,
पर फिर पहली मोहोब्बत का अंजाम याद आता है..!!!
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