मौत पर भी है यकीन, और मुझे उन पर भी ऐतबार है #Shayari

1.मौत पर भी है यकीन
और मुझे उन पर भी ऐतबार है,
देखते है पहले कौन आती है मेरे पास
अब मुझे दोनो का इंतज़ार है।

2.वो आँखे झील सी गहरी तो हैं मगर

उन मैं कोई अक्स मेरे नाम का नहीं
आशकी से उसकी उसे बेवफा ना जान

आदत की बात और है वो दिल का बुरा नहीं।
3.फिर आज कोई गाज़ल तेरे नाम ना हो जाए

आज कही लिखते लिखते शाम ना हो जाए

कर रहे है इंतज़ार तेरे इज़हार-ए-मोहब्बत का

इसी इंतज़ार मे ज़िंदगी तमाम ना हो जाए।