यहाँ पे हैं शिव जी की दूसरी सबसे बड़ी मूर्ति, मुरुदेश्वर मंदिर

आज हम भारत के उस प्राचीन मंदिरके बारे में बताने जा रहे है जो विश्व का दूसरा सबसे बड़ा शिव मंदिर है जी हां आज आपको मुरुदेश्वर मंदिर के बारे में बताने जा रहे जिसे जानकार आपको इस मंदिर के दर्शन करने का मन जरुर करे गा तो चलिए शुरुआत करते है|इस अद्भुत और पुराने मंदिर का नाम  मुरुदेश्वर है, ये मंदिर दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य में उत्तर कन्नड़ जिले के भटकल तहसील स्थित एक कस्बा है | मुरुदेश्वर कर्नाटक के तट पर तीर्थयात्रा करने के लिये एक छोटी जगह है, कन्दुका पहाड़ी पर, तीन ओर से अरब सागर के पानी से घिरा यह मुरुदेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित है| “मुरुदेश्वर” भगवान शिव का दूसरा नाम है | ये मंदिर मैंगलोर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से 160 कि.मी. दूर उत्तर में स्थित है|
कर्नाटक सबसे छोटा शहर है मगर इस मंदिर के कारण ये दुनिया भर में जाना जाता है | मुरुदेश्वर मंदिर के बाहर बनी शिव भगवान की मूर्ति विश्व की दूसरी सबसे ऊँची शिव मूर्ति है और जिसकी ऊँचाई 123 फीट 37 मीटर है| यह 249 फुट लंबा दुनिया का सबसे बड़ा गोपुरा माना जाता है | इस मंदिर को  अरब सागर में बहुत दूर से इसे देखा जा सकता है | ये एक प्राचीन मंदिर है जिसका चर्चा पुरे दुनिया भर में होता है| यहाँ हजारो लोग इसे देखने रोज आते है|इस शिव जी की मूर्ति को बनाने में लगभग 2 साल लगे है | इस मूर्ती को शिवमोग्गा के काशीनाथ और अन्य मूर्तिकारों ने इसे बनाया था| इस मूर्ती का निर्माण उसी स्थानीय श्री आर एन शेट्टी ने करवाया था इस मूर्ती को बनाने में 5 करोड़ रूपए लगे थे|