ये हैं दुनिया के सबसे खतरनाक लड़ाकू विमान

Inews10: ये तो सभी जानते हैं किसी भी सेना को हमला करना हो या दुश्मन की ताकत पता करनी हो। जमीनी हमला करना हो, या समुद्र में दुश्मन के जहाज को नष्ट करना हो, सेना को एक कोने से दूसरे कोने पहुंचाना हो, या जमीनी युद्ध के दौरान हवाई हमले कर थलसेना की मुश्किल आसान करनी हो। दुश्मन के ठिकाने को तहस-नहस करना हो, या छोटे से ऑपरेशन में ही दुश्मन का सफाया करना हो। इसके लिए किसी भी चीज की सबसे ज्यादा जरूरत होती है तो वो है फाइटर प्लेन।

1.एफ 35-लाइटनिंग

स्टील्थ टेक्नोलॉजी से लैस मौजूदा समय का सबसे घातक फाइटर प्लेन है। इसकी तकनीक इसे पूरी दुनिया में आगे रखती है। इस फाइटर प्लेन को अमेरिका ने रैप्टर फाइटर प्लेन की अगली पीढ़ी के तौर पर विकसित किया है।

2. टी-50: सुखोई पीएके-एफए

भारत और रूस के संयुक्त प्रयास से सिर्फ भारत और रूसी सेना के लिए विकसित किए जा रहे ये फाइटर प्लेन पांचवी पीढ़ी का दुनिया का सबसे उन्नत फाइटर प्लेन होगा। ये सिंगल सीटर और डबल सीटरे दोनों ही श्रेणी में बनाए जा रहे हैं। अभी इस श्रेणी के सिर्फ 5 विमान ही तैयार हुए हैं, तो लगातार ट्रायल पर है।

3. एफ-22 रैप्टर- लॉकहीड मॉर्टिन

लॉकहीड मॉर्टिन द्वारा विकसित दुनिया का सबसे खतरनाक फाइटर प्लेन है। रैप्टर किसी भी रडार की पकड़ में न आने वाला प्लेन है, जो बेहद कम समय में दुनिया के किसी भी कोने में हमला करने पर सक्षम है। अमेरिका इस खास फाइटर प्लेन पर किस हद तक नाज करता है।

4. यूरोफाइटर टाइफून

 

यूरोफाइटर टाइफून को यूरोपीय यूनियन के देशों जर्मनी, इटली, ब्रिटेन और स्पेन ने संयुक्त रूप से बनाया है। यूरोफाइटर टाइफून किसी भी परिस्थिति में काम करने में सक्षम बहुउदेश्यीय फाइटर प्लेन है।

5. तेजस

सिंगल और डबल सीटर लड़ाकू विमानों की पांचवीं पीढ़ी के विमानों में भारत द्वारा विकसित और भारत में ही निर्मित तेजस पूरी तरह से दुनिया के सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू विमानों में शामिल हो चुका है। स्टील्थ तकनीक से लैस ये विमान भारत की हर जरूरत को पूरा करेगा, जो भारत की वायुसेना और जलसेना दोनों की ही उपयोग के लिए है।