सुकून अपने दिल का मैंने खो दिया, खुद को तन्हाई के समंदर मे डुबो दिया #shayari

1.वो शख्स भरी महफिल में भी मेरी तरह तन्हा है,
उसे ना पीने का शौक है ना पिलाने का।
2.सुकून अपने दिल का मैंने खो दिया,
खुद को तन्हाई के समंदर मे डुबो दिया,
जो थी मेरे कभी मुस्कराने की वजह,
उसकी कमी ने मेरी पलकों को भिगो दिया।
3.साँसों में तपिश, यादों में कसक, आहों में नमी है,
इस दिसंबर में सब कुछ है बस उसकी कमी है।
4.फिर कहीं दूर से एक बार सदा दो मुझको,
मेरी तन्हाई का एहसास दिला दो मुझको,
तुम तो चाँद हो तुम्हें मेरी ज़रुरत क्या है,
मैं दिया हूँ किसी चौखट पे जला दो मुझको।
5.मेरी ज़िंदगी तो गुजरी तेरे हिज्र के सहारे,
मेरी मौत को भी कोई बहाना चाहिए।