Emotional Shayari

कच्चे धागे सा इक झटके मे टूट जाए, ऐसा दिल मुझे मिला है.
उस पर हर गहरा दर्द भी मुझे अपनो से मिला है.
जब-जब बनाना चाहा है किसी को अपना,
तोहफे मे बक्शी गयी मुझे बस जुदाई और रुसवाई है.
क्या हुआ जो आज फिर संग मेरे तन्हाई है.

ऐसे दीवानेपन का इलाज़ कोई करे तो करे कैसे,
डूब के दर्द के समुंदर मे कोई प्यार करे कैसे l
जिसके किस्मत मे सिवाए घूम के कुछ भी नही है,
तुम्हारे लिए खुशियों का महल खड़ा करे कैसे

कभी दर्द इसने दिया कभी दर्द उसने दिया,
ज़ख़्मों को मगर किसी ने भी सीने नही दिया,
आज फरिश्ता कहते हैं सभी मेरे यार मुझको,
मगर इंसानो की तरह कभी जीने नही दिया .

उसे गलियों मे, चौबारों मे पागलों की तरह ढूंढता रहा ना मिली मुझे कहीं,
जाने कहाँ छिपती छिपाती रही मैं दीवाना उसको याद करके ,
उससे दूर बस तड़प्ता रहा वो दूर कहीं बैठ के मेरा दर्द देख बस मुस्कुराती रही.

दर्द का एहसास ना रहा गम था जो ,
कुछ ख़ास ना रहा हम भी किसी से
मिलने को तड़प जाएँगे मालूम ना था.
हम भी मुहब्बत कर जाएँगे मालूम ना था..

लोग तो अपना बनाके छोड़ देते है
कितनी आसानी से गैरो से रिश्ता जोड़ लेते है ,
हम तो एक फूल तक न तोड़ सके कुछ लोग बेरहमी से दिल तोड़ देते है।

प्यार और बारिश- दोनो एक जैसे होते है,
वो हमेशा यादगार होते है,
फ़र्क सिर्फ़ इतना है की बारिश साथ रह कर तन भिगाती है,
और प्यार दूर रहकर आँखे

मोहब्बत का तो यही दस्तूर होता है,
हर एक ज़ख़्म बंन कर नसूर होता है
जो डूबते है इश्क़ मे उन्हे मिलता है सिर्फ़ दर्द
रोते है वो हर वक़्त,मगर रोने से ना दर्द दूर होता है.

ये आँसू भी एक अजीब परेशानी है
खुशी और गुम दोनो की निशानी है
अपनो के लिए बहुत अनमोल है
ये ना समजने वालो के लिए पानी है

याद करते हैं तुम्हे तन्हाई में,
दिल डूबा हैं गमो की गहराई में,
हमे मत ढूंदना दुनिया की भीड़ में,
हम मिल्लेंगे तुम्हे तुम्हारी परछाई मे