दिल धड़कता है तुझे देखूं तो, साँस भी मेरी रुकने लगती है

दिल धड़कता है तुझे देखूं तो,

साँस भी मेरी रुकने लगती है

प्यार इतना है मेरे दिल मे सनम,

रूह भी मेरी खींच ने लगती है

चैन मिलता है जब मे देखूं तुझे,

वरना या साँस रुकने लगती है

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आज कितने दीनो बाद हुई यह बरसात है

याद दिलाती यह आपकी हर बात है

मुझे मालूम है आपकी आँखों में है

नींद आप चैन से सो जाओ कितनी हसीन रात है

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गुलाब की महक भी फीकी लगती है,

कौन सी खुश्बू मुज़मे बसा गयी हो तुम,

ज़िंदगी है क्या तेरी चहत के सिवा,

यह केसा ख्वाब आँखो को दिखा गयी हो तुम

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आँखों में ना हुमको ढूँड़ो सनम दिल में हम बस जाएँगे!

तमन्ना है अगर मिलने की तो बंद आँखों में भी हम नज़र आएँगे

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काश आपकी सूरत इतनी प्यारी ना होती,

काश आपसे मुलाकात हमारी ना होती,

सपनो में ही देख लेते हम आपको,

तो आज मिलनी की इतनी बेकरारी ना होती

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