Intezar shayari

 

हक़िक़त मे जिना जब आदत बन जाती है,
ख्वबोन की दुनिया बेरंग नजर आती है .
कोई इंतेजार करता है जिंदगी के लिए
किसी की जिंदगी इंतेजार मे ही गुझर जाती है !!!

कभी ख़ुशी से ख़ुशी की तरफ़ नहीं देखा
तुम्हारे बाद किसी की तरफ़ नहीं देखा
ये सोच कर कि तेरा इंतज़ार लाजिम है
तमाम उम्र घड़ी की तरफ़ नहीं देखा

हक़ीक़त मे जीना जब आदत बन जाती है,
ख्वाबों की दुनिया बेरंग नज़र आती है …
कोई इंतेज़ार करता है ज़िंदगी के लिए..
किसी की ज़िंदगी इंतेज़ार मे ही गुज़र जाती है …….!!!

तुम क्या जानो क्या है तन्हाई,
टूटे हर पत्ते से पूछो क्या है जुदाई,
यूँ बेवफ़ाई का इल्ज़ाम ना दे ए-ज़ालिम,
इस वक़्त से पूछ किस वक़्त तेरी याद ना आई..!!!

ना जाने क्यों ए जिंदगी मुझे तेरी तलाश है…….
माना करोड़ पल है इस जिंदगी मैं,
पर तेरे साथ बीताया एक पल उन करोड़ों से खास है ……..
इस लिए ए जिंदगी मुझे तेरी तलाश है……..!!!

फ़ासले मिटा कर आपस मे प्यार रखना,
दोस्ती का ये रिश्ता हमेशा यूँही बरकरार रखना,
बिछड़ जाए कभी आप से हम,
आँखों मे हमेशा हमारा इंतजार रखना !!!

उदास रहता है मोहल्ले मै बारिश का पानी आजकल,
सुना है कागज़ की नाव बनानेवाले बड़े हो गए है

आदत बदल दू कैसे तेरे इंतेज़ार की ये बात
अब नही है मेरे इकतियार की देखा भी नही
तुझ को फिर भी याद करते है
बस ऐसी ही खुश्बू है दिल मे तेरे प्यार की

ज़िंदगी हसीन है इससे प्यार करो
हर रात की नई सुबा का इंतजार करो वो पल भी आएगा,
जिसका आपको इंतजार है
बस अपने रब पर भरोसा और वक़्त पर ऐतबार करना

आई मिलन की बेला है नही होता है
अब इंतज़ार तेरी उलझी ज़ुल्फोन को ले आज दूं मैं संवार

तन्हैइिओं मे उनको ही याद करते हैं
वो सलामत रहे यही फरियाद करते है,
हम उनके ही मोहब्बत का इंतेज़ार करते है
उनको क्या पता हम उनसे कितना प्यार करते है .