Intezar shayari

आँखों मे आ जाते है आँसू,
फिर भी लबो पे हसी रखनी पड़ती है,
ये मोहब्बत भी क्या चीज़ है यारो,
जिस से करते है उसीसे छुपानी पड़ती है

जिंदगी हे सफर का सील सिला,
कोइ मिल गया कोइ बिछड़ गया,
जिन्हे माँगा था दिन रत दुआ ओमे,
वो बिना मांगे किसी और को मिल गया.

मोहब्बत का नतीजा, दुनिया में हमने बुरा देखा,
जिन्हे दावा था वफ़ा का, उन्हें भी हमने बेवफा देखा.

तेरे इंतजार मे कब से उदास बैठे है
तेरे दीदार में आँखे बिछाये बैठे है
तू एक नज़र हम को देख ले इस आस मे कब से बेकरार बैठे है.

कब उनकी पलकों से इज़हार होगा,
दिल के किसी कोने में हमारे लिए प्यार होगा,
गुज़र रही है रात उनकी याद में,
कभी तो उनको भी हमारा इंतज़ार होगा!

इंतज़ार है हमे आपके आने का,
वो नज़रे मिला के नज़रे चुराने का,
मत पूछ ए-सनम दिल का आलम क्या है,
इंतज़ारा है बस तुझमे सिमट जाने का.