Love Shayari

जब कोई ख्याल दिल से टकराता है!
दिल न चाह कर भी, खामोश रह जाता है!
कोई सब कुछ कहकर, प्यार जताता है!
कोई कुछ न कहकर भी, सब बोल जाता है!

इस दिल को किसी की आस रहती है,
निगाहों को किसी सूरत की प्यास रहती है,
तेरे बिना किसी चीज़ की कमी तो नही,
पर तेरे बेगैर जिन्दगी बड़ी उदास रहती है..

तुम्हारे नाम को होंठों पर सजाया है मैंने,
तुम्हारी रूह को अपने दिल में बसाया है मैंने,
दुनिया आपको ढूंढते ढूंढते हो जायेगी पागल,
दिल के ऐसे कोने में छुपाया है मैंने!

तेरे प्यार का सिला हर हाल में देंगे,
खुदा भी मांगे ये दिल तो टाल देंगे,
अगर दिल ने कहा तुम बेवफ़ा हो,
तो इस दिल को भी सीने से निकाल देंगे।

खुद में हम कुछ इस तरह खो जाते है,
बीती हुयी यादो को लेकर रो जाते है,
नींद नहीं आती रातो में पर,
उनको ख्वाब में देखने के लिए सो जाते है

मेरी दुनिया में आया एक मुसाफिर ऐसे,
कोई पहले की जान पहचान हो जैसे
मिले हम उनसे और वो हुमसे कुछ इस तरहा से,
कोई बरसों से बिछड़े हुए हों जैसे
दिल में प्यार फिर इश्क़ उतरा कुछ ऐसे,
और कोई ज़िंदगी में गुंजाइश ना हो जैसे
बता दो आए मुसाफिर जाना कहाँ हैं वैसे,
अकेले ये सफ़र तय करोगे तुम कैसे
मिल गये हो तो अब रहना कुच्छ इस तरहा से,
की साए भी एक से हो जाएँ जैसे
दो मंज़िलें बन जायें अब एक ऐसे,
खुदा ने कोई दुआ क़बूल कर दी हो जैसे

इश्क़ कैसे होता है..इश्क़ किसको कहते है
तेरा मजबूर कर देना मेरा मजबूर हो जाना

अभी तो दूर तक साथ साथ चलना है,
वैसे हैं हमसफर पर चलती उनकी आनबान भी,
साथ हरदम नहीं रह सकते चाहने वाले,
इश्क़ के साथ दर्द भी,
भारी बरसात बादलों ने दे दिया दॉखा,
सुखी नदियो के साथ प्यासे उजड़े उपवन भी,
शारीर तो मासूम है और सूरतें भोली भली,
टूट जाते हैं कभी दिल भी और दर्पण भी

इश्क़ की बीमारी तो बड़ा खुशनसीब है यारो,
की आशिक़ तो ये लाइलाज हे अच्छा है

तुम अपनी शाम की तन्हैया मुझे दे दो
बिखरती ज़ुल्फ की परछाईयाँ मुझे दे
दो मे डूब जाऊ तुम्हारे आँखो मे
तुम अपने दर्द की गहराइया मुझे दे दो,
मे तुम्हे याद करू ओर तुम को ख़बर हो जाए,
मोहब्बत की वो सचाइया मुझे दे दो