Love Shayari

बेकरार दिल को करार नही आता है
मिलने का क्यूँ उनको ख़याल नही आता है

पहली झलक में मैने पसंद तुमको किया,
बिन बोले तुमसे आँखों ने सब कुछ कह दिया,
दूसरी हे मुलाक़ात में तुमने मेरे दिल को छूह लिया,
फिर बिन बोले दिल की डोर को मैने तुम्हारे हवाले कर दिया,

हम ने हर दुख को मोहब्बत की अनायत समझा,
हम कोई तुम थे जो दुनिया से शिकायत करते.

मुझको अब तुझ से भी मोहब्बत नहीं रही,
आई ज़िंदगी तेरी भी मुझे ज़रूरत नहीं रही.
बुझ गये अब उस के इंतेज़ार के वो जलते दिए,
कहीं भी आस-पास उस की आहट नहीं रही.

तू अगर दिल पे मेरे, हाथ ही रख दे तो,
टूट-ती साँस भी, कुछ दर्र संभाल जाती है,

मोहब्बत वक़्त के बे-रहम तूफान से नही डरती ,
उससे कहना, बिछड़ने से मोहब्बत तो नही मरती .

दूरिया से फ़र्क नही पड़ता है,
बात तो दिलो की नज़दीकियो से होती है .
दिल के रिश्ते तो किस्मत से बनते है,
वरना मुलाक़ात तो जाने कितनो से होती है

तू साथ मेरे है, तू पास मेरे है,
जानता हू मैं ये दिन सुनहरे हैं.
इस दिल की खातिर तू पास है मेरे,
जाने क्या क्या इस दिल में,अरमान तेरे हैं.

ज़िंदगी में गम मिले तो मिले,
प्यार उनका कभी कम ना मिले,
चाहते है हम उनको जितना,
कई गुना प्यार हमें उनका मिले .

मैं आदत हूँ उसकी, वो ज़रूरत है मेरी
मैं फरमाइश हूँ उसकी, वो इबादत है मेरी
इतनी आसानी से कैसे, निकल दू उसे अपने दिल से
मैं ख्वाब हूँ उसका, वो हक़ीक़त है मेरी