27 जुलाई को होगा 21वीं सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण, जानिए क्या है सूतक

साल का दूसरा चंद्र ग्रहण 27 जुलाई को लग रहा है जो भारत के साथ यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, नोर्थ अमेरिका और अटलांटिक में दिखाई देगा।  27 जुलाई यानी शनिवार को गुरु पूर्णिमा के दिन सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण लगने जा रहा है। आपको बता दे की 27 और 28 जुलाई की मध्यरात्रि में लगने वाले चंद्रग्रहण में करीब 1 घंटे 43 मिनट का खग्रास रहेगा। आपको बता दे की इस ग्रहण की शुरुआत 27 जुलाई की रात 11 बजकर 54 मिनट पर होगा और इसका अंत 28 जुलाई की सुबह 3 बजकर 49 मिनट पर होगा। आपको बता दे की ये अब तक सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण होगा जोकि ऐसे पहले 1700 साल पहले देखा गया था।

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फिर दिखेगा ब्लड मून :

2018 का यह दूसरा मौका है जब ग्रहण के समय ब्लड मून दिखेगा। हम इसे ब्लड मून इसके रंग की वजह से कह रहे है। बता दे की चंद्रग्रहण के समय जब सूरज और चांद के बीच पृथ्वी आती है, तो सूरज की रोशनी रुक जाती है। पृथ्वी के वातावरण की वजह से रोशनी मुड़कर चांद पर पड़ती है और इस वजह से यह लाल नजर आएगा। इस समय चांद बेहद खूबसूरत दिखनेवाला है।

12 घंटे पहले बंद हो जाएंगे मंदिरों के पट :

बता दे की शास्त्रों के अनुसार चंद्रग्रहण या सूर्यग्रहण के 12 घंटे पहले सूतक लग जाता है जिस कारन सभी मंदिरों के पट 12 घंटे पहले बंद कर दिए जायेंगे. और गुरु पूर्णिमा की रात 11:45 से चंद्रग्रहण लग रहा है और इसिलिए दिन के 11 बजे के बाद मंदिरों के पट बंद रहेंगे।

भूल कर भी न करें ये काम :

बता दे की ग्रहण का सूतक ग्रहण शुरू होने से लगभग 9 घंटे पहले से ही शुरू हो जाता है। और सूतक काल में पूजा-पाठ करना शास्त्रों के हिशाब से मना है । आपको बता दे की इसके साथ ही ग्रहण के समय भोजन नहीं करना चाहिए। आपको बता दे की इस दौरान ग्रहण किया गया भोजन अशुद्ध माना जाता है। और शास्तों की मानें तो जिन चीजों को फेंका नहीं सकते उन खाने पीने की चीजों में तुलसी की पत्ती डाल देना चाहिए।