Shero Shayari

भूलना तुम्हे न आसान होगा,
जो भूले तुम्हे वो नादाँ होगा.
आप तो बसते हो रूह में हमारी,
आप हमे न भूले ये आपका एहसान होगा

वो हर बार अगर रूप बदल कर न आया होता,
धोका मैने न उस शख्स से यूँ खाया होता,
रहता अगर याद कर तुझे लौट के आती ही नहीं,
ज़िन्दगी फिर मैने तुझे यु न गवाया होता।

दिल से दिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं!
तुफानो में साहिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं!
यूँ तो मिल जाता है हर कोई!
मगर आप जैसे दोस्त नसीब वालों को मिलते हैं!

यह आरजू नहीं कि किसी को भुलाएं हम;
न तमन्ना है कि किसी को रुलाएं हम;
जिसको जितना याद करते हैं;
उसे भी उतना याद आयें हम!

जिसे खुदा से भी बड़ा बना दिया था मैंने
जब वो बेवफा हो गई, तो खुदा ने कहा
जिसके लिए तू मुझे छोड़ गया था, वो तो अब चली गई तुझे अकेला छोड़कर
पर मैं न छोडूंगा तेरा साथ कभी, क्योंकि मैं खुदा हूँ बेवफा नहीं.

क्या कहूँ मैं अपने इश्क की दास्ताँ तुझसे
हो सके, तो खुद पढ़ ले मेरे कहानी…. मेरी आँखों से.

जब कभी तेरा दिल, किसी पे आ जाए
तो बस खुदा से इतनी दुआ करना,
कि किसी बेवफा के संग तू प्यार के सपने न सजाए.

मैं भी जीत जाता प्यार की जंग, अगर उसने मेरा साथ निभाया होता
जितने वादे किए थे प्यार में उसने, उसमें से कुछ को भी निभाया होता.

देख कर मेरा नसीब मेरी तक़दीर रोने लगी,
लहू के अल्फाज़ देख कर तहरीर रोने लगी,
हिज्र में दीवाने की हालत कुछ ऐसी हुई,
सूरत को देख कर खुद तस्वीर रोने लगी।

कहते हैं लोग खुदा की इबादत है,
ये मेरी समझ में तो एक जहालत है,
चैन न आए दिल को, रात जाग के गुजरे,
जरा बताओ दोस्तों क्या यही मोहब्बत है।